दुर्गादास की छतरी

LiveUjjainNews 11:56:31,05-Mar-2016 उज्जैन दर्शन
img

वास्तुकला ओर पत्थरों पर नक्काशी युक्त एतिहासिक विरासत 

दुर्गादास की छतरी उज्जैन के मंदिरों के शहर में स्थित एक विशिष्ट स्मारक है। यह स्मारक छतरी के रूप में वीर दुर्गादास की याद में बनवाया गया था वे जोधपुर के  राजा जसवंत सिंह के सेनापति थे ओर राजकुमार अजीतसिंह के संरक्षक थे|उन्होने ओरंगजेब से वीरतापूर्वक लड़ाई की| वे कि राजपूताना इतिहास में एक महान शख्सियत है।

 

वीर दुर्गादास ने महाराज जसवंत सिंह की मृत्यु के बाद मुग़लों से लड़ाई की और औरंगज़ेब की इच्छा के विरुद्ध जोधपुर पर चढ़ाई करने में अजीत सिंह की सहायता की। वीर दुर्गादास की 1718 में मृत्यु हो गई और इसकी इच्छा थी कि इसका दाह संस्कार शिप्रा नदी के किनारे किया जाए।

 

इस स्मारक की वास्तुकला राजपूत शैली में है तथा एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह छतरी वीर दुर्गादास की मृत्यु के बाद जोधपुर के शासकों द्वारा उसकी याद में बनवायी गई थी।बहुत से लोगों का यह मानना है कि यह स्मारक छोटे से रत्न की तरह चमकता है चूंकि आसपास का परिदृश्य प्रकृति से भरपूर है।

 

Related Post