चौबीस खंबा माता

LiveUjjainNews 11:55:18,05-Mar-2016 उज्जैन दर्शन
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श्री महाकालेश्वर मंदिर के निकट यह परमार कालीन प्रवेश द्वार १२ निचे १२ ऊपर स्तंभ से निर्मित   नगर के मध्य विराजित महाकाल वन के मुख्य प्रवेश द्वार पर विराजित माता महामाया व माता महालया चौबीस खंबा माता के नाम से प्रसिद्ध है । प्रवेश द्वार में चौबीस खम्बे होने के कारण नाम चौबीसखंबा पड़ा । तंत्र साधना के लिए प्रसिद्ध उज्जयिनी के चारों द्वार पर भैरव तथा देवी विराजित है , जो आपदा-विपदा से नगर की रक्षा करते है चौबीसखंबा माता उनमे से एक है ।मंदिर की सायं कालीन आरती विशेश रुप से दर्शनीय है |  शारदीय नवरात्री की महाष्टमी पर कलेक्टर दोनों देवियों को मदिरा पिलाकर शासकीय पूजा करते है ।तथा शहर के प्राचीन देवी मंदिरों तक अनवरत मदिरा की धारछोड़ी जाती यह धार लगभग १२ घंटे तक चलती है | इसके बाद नगर के अन्य देवी व भैरव मंदिर में पूजा होती है ।

 

चौबीसखंबा माता मंदिर पुरात्तव विभाग के अधीन संरक्षित स्मारक है । यह मंदिर करीब १००० साल पुराना होकर परमारकालीन स्थापत्य कला तथा द्वार परंपरा का उत्कृष्ट उदारहण है । कभी यह महाकाल वन का मुख्य प्रवेश द्वार रहा है । अब कालांतर में यह नगर के मध्य विराजित है। 

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