पनामा पेपर्स: पाक सुप्रीम कोर्ट ने चेताया, कागजात जाली होने पर शरीफ की संतान को हो सकती है सात साल जेल

LiveUjjainNews 22:34:08,20-Jul-2017 विदेश
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पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार (20 जुलाई) को चेताया कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के परिवार के खिलाफ धन शोधन की जांच में पनामा पैनल को अगर जाली दस्तावेज सौंपे गये थे तो उनकी संतानों को सात साल जेल की सजा का सामना करना पड़ सकता है.

 

 

शरीफ और उनके परिवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए अदालत की ओर सौंपे गए कार्य पर संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) ने 10 जुलाई को रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद शीर्ष न्यायालय ने सोमवार (17 जुलाई) को सुनवाई की शुरुआत के बाद पनामागेट मामले की लगातार चौथे दिन सुनवाई की.

न्यायाधीशों के तीन सदस्यीय पैनल ने चेताया, ‘अदालत में जाली दस्तावेज जमा करने की सजा सात साल की जेल है.’ जेआईटी ने अन्य चीजों के साथ ही कहा कि शरीफ (67) की संतान की ओर से जमा दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ की गयी थी. प्रधानमंत्री की बेटी मरियम नवाज की ओर से सौंपा गया और 2006 में तामील किया गया ट्रस्ट का कागजात वाणिज्यिक रूप से 2007 तक उपलब्ध नहीं था. इसे कैलिबरी फोंट में लिखा गया था और लंदन में एक कार्यालय से इसका शनिवार (15 जुलाई) के दिन नोटरी हुआ. आधिकारिक तौर पर इस दिन छुट्टी होती है. इन्हीं वजह से कागजात की सत्यता को लेकर सवाल उठे.

इसी तरह, दुबई सरकार ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री के बेटे हुसैन नवाज की ओर से मुहैया कराया गया गल्फ स्टील मिल्स का दस्तावेज फर्जी है क्योंकि इन दस्तावेजों का कोई रिकॉर्ड नहीं था. न्यायमूर्ति एजाज अफजल की अध्यक्षता वाले जांच पैनल में न्यायमूर्ति शेख अजमत सईद और न्यायमूर्ति इजाजुल अहसन भी हैं. उन्होंने शरीफ की संतानों के वकील सलमान अकरम रजा को मीडिया में कुछ दस्तावेज लीक होने और बुधवार (19 जुलाई) को टॉक शो में उस पर चर्चा को लेकर भी चेताया.

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