सालों चली लड़ाई में मारे गए थे 9 हजार लोग, 400 साल बाद हुआ ये खुलासा

LiveUjjainNews 22:40:37,05-Jun-2017 रोचक जानकारी
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सेंट्रल यूरोप में 1618 से 1648 तक चले युद्ध को थर्टी इयर्स वॉर के नाम से जाना जाता है। इसे यूरोपीय इतिहास का सबसे बड़ा युद्ध माना जाता है, जिसकी वजह से कई लाख लोगों की लाइफ प्रभावित हुई थी। 400 साल पहले हुए इस युद्ध के बारे में अब जाकर साइंटिस्ट्स ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। 2011 में मिली थी युद्ध में मारे गए लोगों के कंकाल...

-2011 में जर्मनी के लुत्जेन में आर्कियोलॉजिस्ट्स को बहुत बड़ा कब्रिस्तान मिला था, जिसमें कई लोगों की बॉडीज एक साथ दफनाई गई थी। 
-इनमें से 47 बॉडीज की जांच करने के बाद ये बात सामने आई है कि ज्यादातर सिपाहियों की मौत बंदूक से चली गोली की वजह से हुई थी। 
-कुछ कंकालों के ऊपर धारदार हथियार से हमले के भी निशान थे, लेकिन 47 में से 21 कंकाल के सिर में गोली के निशान मिले तो 11 में बुलेट फंसे हुए ही थे। 
-चौंकाने वाली बात ये हैं कि आज से 400 साल पहले इतने सारे लोगों को मारने के लिए बंदूक आए कहां से होंगे? उस दौर में बंदूक मिलते तो थे, लेकिन इतनी भारी मात्रा में लोगों को मारने के लिए कई बंदूकों की जरूरत हुई होगी, जो उस समय मुश्किल था।

युद्ध में मारे गए लोगों को यूं ही कर दिया था दफन
-400 साल बाद मिले इन कंकालों की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि सारी बॉडीज को यूं ही दफन कर दिया गया था। 
-रिसर्च में ये भी बात सामने आई कि दफनाने से पहले इन सैनिकों के यूनिफॉर्म भी उतार दिए गए थे। 
-रिसर्च के बाद जारी रिपोर्ट में साइंटिस्ट्स ने इस बात का भी जिक्र किया है कि इनमें से ज्यादातर सैनिक स्वीडिश आर्मी की तरफ से लड़ रहे थे।

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