आचार्य विद्यासागर महाराज का 50वां स्वर्ण दीक्षा संयम महोत्सव 28 जून से

LiveUjjainNews 22:24:53,18-Jun-2017 उज्जैन
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उज्जैन। मुनि समता सागर, एलक निश्चय सागर के सानिध्य एवं सुनील भय्या के
निर्देशन में आचार्य विद्यासागर महाराज का 50वां स्वर्ण दीक्षा संयम
महोत्सव का त्रिदिवसीय आयोजन 28 से 30 जून तक मनाया जाएगा। फ्रीगंज स्थित
श्री दिगम्बर जैन पंचायती जिनालय में 28 जून से प्रारंभ होने वाले इस
महोत्सव में अभिषेक, शांतिधारा एवं 50 इन्द्रो द्वारा आचार्य छतीसी
विधान, अष्ट द्रव्य थाली सजाओ प्रतियोगिता के साथ 50 दीपो का 50 चित्रों
पर प्रज्ज्वलन होगा साथ ही भव्य शोभायात्रा निकलेगी।
मीडिया प्रभारी सचिन कासलीवाल के अनुसार 50 दीपको से महाआरती के बाद
आचार्य विद्यासागरजी की जीवनचर्या पर आधारित संगीतमय कार्यक्रम सुन्दर
भजन व आकर्षक पुरस्कारों के साथ प्रश्न मंच और संस्मरण सुनाओ प्रतियोगिता
होगी। 29 एवं 30 जून को प्रांतः 6.30 बजे से अभिषेक शांतिधारा एवं
आचार्यश्री का संगीतमयी पूजन तथा सांय 7 बजे से महाआरती एवं सांस्कृतिक
कार्यक्रम होंगे। संयम स्वर्ण महोत्सव समिति ने इस आयोजन में अधिक से
अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
रविवार को मुनिश्री समतासागरजी ने अपने प्रवचनों में कहा कि जिनवाणी से
ही जीवन सार्थक बनता है। यह हमें धामिॅक आध्यात्मिकता का मार्ग प्रशस्त
करती है। मुतिॅ अप्रतिष्ठित होकर भी पुज्य रहती है, निराकार न रहते हुये
विशिष्ट आकार होता है जिसमें तिर्थंकरों की, उनके उपासना, त्याग, संयम
आदि का  जीवन को ढालने की प्रेरणा मिलती है। प्रतिष्ठीत होने के बाद वह
शुध्द हो जाती है तब हम उस मुतिॅ को साक्षात तिर्थंकर का मनोहारी रूप
देखते है। लेकिन सामान्यतः छू नही सकते। देव शास्त्र गुरू का सभी के
लिये, जगत के लिये बडा आध्यात्मिक योगदान है। जिनालय में देव ओर शास्त्र
तो मिल जाते है, दर्शन होते है परन्तु अच्छे गुरू का सानिध्य प्राप्त
होना सौभाग्य की बात है।
मुनिश्री ने पंचकल्याणक में सक्रिय मंदिर समिति ओर विभिन्न कार्यकारिणी
कमेटीयों की सराहना कर समय बध्द तरीके से, दिन रात लगन से कार्य संपादित
किये जाने पर बधाई दी। जहां शिलान्यास के लिये आये थे वहां पंचकल्याणक का
भव्य कार्यक्रम होगा यह मुनिश्री के सानिध्य का पहला ही मौका था, जिसका
कभी सोच विचार नही किया था। यह यहां के जैन समाज की बडी उपलब्धी है। जहां
गुरूवर के आशिर्वाद प्राप्त होते है, वहां सभी परिस्थितियां अनुकूल हुवा
करती है ओर कार्यक्रम के लिये किसी के पास मांगने जाना नही पडता, अपने आप
भंडारा भरते जाता है। यहां तो साक्षात श्री जी के चरणों में चलकर आया है।
इससे ओर क्या सौभाग्य हो सकता है। चातुर्मास पर मुनिश्री ने कहा कि सभी
चाहते है कि उज्जैन में हो लेकिन जहां हमें तो गुरूवर के आदेशों, संकेतो
का पालन करना है। उनके द्वारा दिये गये निदेॅशो पर चलना है।
संयम स्वर्ण महोत्सव समिति में यह रहेंगे
समिति में संरक्षक अशोक जैन चायवाले, अध्यक्ष विजेन्द्र जैन, उपाध्यक्ष
सुनील जैन खुरईवाले, नरेन्द्र बिलाला, अरविंद बुखारिया, महामंत्री
धर्मेन्द्र सेठी, मंत्री सुनील जैन ट्रांसपोर्ट, सहमंत्री सचिन कासलीवाल,
समन्वय शैलेन्द्र शाह, कार्यकारिणी पार्षद राजेश सेठी, करूणा जैन, सुशील
छाबड़ा, प्रसन्न बिलाला, कमल बड़जात्या, तेजकुमार विनायका, संजय जैन पोहा,
नरेन्द्र चैधरी, अनिल बुखारिया, जीवंधर जैन, योगेन्द्र बड़जात्या,
जिनेन्द्र जैन चना, देवेन्द्र तलाटी, अशोक जैन गुना, देवेन्द्र सिंघई
घड़ी, अशोक जैन कांट्रेक्टर, पंकज जैन, दिनेश जैन सुपरफार्मा, आरसी जैन,
विमल बजाज, ताराचंद, राकेश बुखारिया, मनीष पांड्या, अनित सेठी, सलील जैन,
गौरव राजेन्द्र लुहाड़िया, लालचंद जैन, दिनेश जैन, हितेश सेठी, विमलेश
जैन, ओम जैन शामिल हैं। आयोजन में सहयोगी संस्थाओं में जैन मित्र मंडल,
नारी चेतना मंडल, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप आदिनाथ,
दिगंबर जैन महिला परिषद अवंति, दिगंबर जैन महिला महासमिति, दिगंबर जैन
सोशल ग्रुप मेन, दिगंबर जैन सोशल ग्रुप सीनियर सिटीजन, जैन इंजीनियर्स
सोसाइटी है।

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